मेच्योर आंटी को चोदने की ख्वाहिश पूरी हुई

हैलो.. मेरा नाम वीर है, मैं बीएससी का स्टूडेंट हूँ। मेरी उम्र 19 साल है मेरा कद 5’11” है और बॉडी पर्फेक्ट शेप में है।

यह मेरी सेक्स स्टोरी एक आँटी की है, उम्मीद करता हूँ कि आपको अच्छी लगेगी। मेरे घर के पड़ोस में एक परिवार रहता है जिसमें एक अंकल हैं.. ओवैसी जी और उनकी वाइफ का नाम सबा है (नाम बदले हुए हैं) उनकी 2 बेटियाँ हैं।

इनके घर के साथ में एक और बड़ा परिवार रहता है.. जिसमें एक आंटी रहती हैं.. नौरीन जिनकी उम्र 35 साल की है। उनके साथ उनकी सास भी रहती हैं। उन आंटी के 3 बच्चे हैं.. एक बेटा और 2 बेटियाँ..
आंटी के पति इटली में रहते हैं। वे 5-6 महीने बाद कभी आते हैं। पड़ोसी होने की वजह से मैं उनके घर के बहुत काम करता हूँ।

यह बात आज से एक साल पहले की है जब मैं 18 साल का था और फर्स्ट इयर के पेपर दे कर फ्री हुआ था।
उन दिनों मैंने काफ़ी पोर्न देखा और मैंने काफ़ी जवान लौंडों को मैच्योर आंटीज को चोदते हुए देखा। यह सब देख कर अब मेरा दिल भी किसी आंटी को चोदने को किया।

मैंने तलाश आरम्भ कर दी और अचानक मेरे ज़हन में आंटी नौरीन का ख्याल आया। अब मुझे आंटी नौरीन के बारे में प्लान बनाना था। मैंने आहिस्ता- आहिस्ता आंटी के बदन पर ध्यान देना शुरू कर दिया। मुझे उनकी मोटी और मटकती गाण्ड देख कर बहुत मज़ा आने लगा।
उनके चूतड़ों का साइज़ तकरीबन 40 इंच का था और एक पर्फेक्ट शेप में थी। अब मुझे रोजाना उनकी गाण्ड को देखने में मज़ा आने लगा।

एक दिन आंटी ने मुझे घर का सामान लाने को बुलाया।
मैं फ़ौरन उनके घर गया और उनका सामान ले कर फ़ौरन वापिस आया, सामान पकड़ाते वक्त आंटी के मम्मों पर घूर कर देखना शुरू कर दिया।
उनके मम्मे बहुत बड़े-बड़े और काफ़ी प्यारे थे, मैंने नोटिस किया कि उनके मम्मों का साइज़ 38 इंच का तो होगा ही।

मुझे ऐसा करते वक्त आंटी ने नोट कर लिया और कहने लगीं- क्या देख रहे हो?
मैंने कहा- आंटी अंकल काफ़ी लकी होंगे.. जो उनको आप जैसी वाइफ मिली।

आंटी मेरा उत्तर सुन कर शॉक हो गईं.. क्योंकि मैंने पहली बार ऐसी कोई बात उनसे की थी। उन्होंने एक स्माइल पास की और कहने लगीं- अच्छा बस बस.. अब मस्का ना लगा।
मैंने कहा- नहीं आंटी.. मस्का नहीं.. सच बोल रहा हूँ।

आंटी हँस कर अन्दर चली गईं और मैं अपने घर वापिस आ गया।

उन दिनों वर्ल्ड कप चल रहा था और आंटी को मैच देखने का काफ़ी शौक था.. इस बात का मुझे पता था। उस दिन पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया का मैच था। मैंने सोचा कि आंटी के साथ मिल कर मैच देखने से बात बन सकती है।

मैं आंटी के घर गया और उनसे कहा- हमारे घर की एलसीडी खराब हो गई है क्या मैं आपके साथ मैच देख सकता हूँ?
आंटी ने कहा- पागल.. यह भी कोई पूछने वाली बात है.. आ जाओ न..

मैं बहुत खुश हुआ और घर यह बता कर आया कि आंटी ने कहा है कि मुझे कोई काम है तुम यहाँ मैच भी देख लेना और वो काम भी कर लेना।

इस तरह घर वालों से इजाजत मिलने के बाद मैंने आंटी के घर जाने का फ़ैसला किया और उनके घर पहुँच गया।

मैं और आंटी मैच देखने लगे। मैंने आंटी से पूछा- आपकी सास कहाँ हैं?
तो उन्होंने कहा- उनकी तबियत खराब है वो सो रही हैं।
मैंने पूछा- और आपकी बेटियाँ कहाँ हैं?
तो उन्होंने बताया- वो तो अपनी नानी के घर गई हुई हैं।

यह सुन कर मैं बहुत खुश हो गया। अचानक से तभी ऑस्ट्रेलिया का एक खिलाड़ी आउट भी हो गया। मैंने एग्ज़ाइट्मेंट में आकर आंटी को एक ज़ोर की जफ्फी डाल दी।

उनके साथ ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आया.. उस टाइम मुझे पहली बार आंटी के जिस्म का अंदाज़ा हुआ कि वो 38-32-40 के नाप का था। मुझे अपने लण्ड में हरकत होती महसूस हुई।
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अब जैसे-जैसे मैच गुज़रता गया उसी तरह हर विकेट गिरने के बाद अब आंटी भी मुझे जफ्फी डाल कर अपनी खुशी का इजहार करने लगीं।
अब मैं आंटी के साथ काफ़ी क़रीब हो कर बैठ गया। मैं उनके इतना क़रीब हो गया कि उनका हाथ अब मेरी जाँघों पर था।

पहली पारी के खत्म होते-होते मैंने आंटी को बहुत बार कस कर जफ्फी डाल ली थी। दूसरे पारी के स्टार्ट होते ही आंटी मेरे से बिल्कुल चिपक कर बैठ गईं.. और अब मेरा हाथ भी उनकी जांघ पर था।

मैंने मौका देख कर आहिस्ता-आहिस्ता अब अपना हाथ उनकी जाँघों पर फेरना शुरु कर दिया। तभी मैंने नोट किया कि आंटी भी मेरी टांग पर हाथ चलाते हुए मेरे लण्ड तक पहुँच चुकी हैं।

अब मैंने भी मौका अच्छा देख कर आंटी की कमर पर हाथ फेरना शुरू किया और दूसरा हाथ आंटी की चूची तरफ ले जाना शुरू कर दिया।

अब हम दोनों गर्म हो चुके थे, एक-दूसरे को कस कर पकड़ा हुआ था, इतने में पता नहीं लगा और पाकिस्तान मैच जीत गया।

हम दोनों ने एग्ज़ाइट्मेंट में आ कर एक-दूसरे को किस करना शुरु कर दिया। मैं 5 मिनट तक आंटी को फ्रेंच किस करता रहा, साथ ही उनके मम्मों को भी सहलाता रहा आंटी भी अब बहुत गर्म हो चुकी थीं।

इतने में रात के 11 भी बज गए थे.. आंटी ने मुझसे कहा- आज तुम यहाँ ही रह लो।
मैंने कहा- आप मम्मी को फोन करके बता दें।
आंटी ने मम्मी को फोन किया और बताया- वीर को आज मेरे पास रहने दें.. आज यहाँ है भी कोई नहीं.. वो सुबह आ जाएगा।

जिस पर मम्मी ने रज़ामंदी ज़ाहिर कर दी।

अब मैं और जोश में आ गया और आंटी की चूत को ज़ोर-ज़ोर से सहलाने लगा।
आंटी ने कहा- थोड़ा आराम से करो.. अभी पूरी रात है..
मैंने कहा- इन्तजार नहीं होता..
आंटी ने कहा- एक मिनट रुक..

वे चली गई कुछ पलों बाद वापस आईं।
मैंने कहा- कहाँ गई थीं?
तो कहने लगीं- अपनी सास का रूम लॉक करने..

उनके ये कहने की देर थी.. कि मैंने उनको सोफे पर लिटा लिया और किस करने लग गया। अब हम दोनों पूरे जोश में एक-दूसरे को किस कर रहे थे।

आहिस्ता-आहिस्ता मैं अपना एक हाथ उनकी गाण्ड पर ले गया और उनको मसलने लगा।
आंटी ने कहा- अहह.. ज़ोर से करो.. मज़ा आ रहा है..

यह सुनते ही मैंने उंगली आंटी के चूतड़ों की दरार में डाल कर हिलानी स्टार्ट कर दी।
अब आंटी ने मुझे उठने को कहा और मुझे बेडरूम में ले गईं।

उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और खुद भी जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार दिए।

अब आंटी और मैं बेडरूम में टांगों में टाँगें डाल कर एक-दूसरे से लिपटे हुए थे।
आंटी ने मेरे कान में कहा- प्लीज़ मेरी चूत चाटो।

मैंने उनकी चूत को देखा.. वो ऐसे कुलबुला रही थी.. जैसे मुझे बुला रही हो।
मैंने फ़ौरन से अपनी ज़बान उनकी चूत पर लगा दी और उनकी चूत के दाने को जीभ से रगड़ने लगा।

आंटी मस्त हो रही थीं, मैंने आंटी की चूत में अन्दर तक ज़बान फेरना शुरु कर दी और अपना मुँह उनकी चूत में लगा दिया।

आंटी ने अपने हाथों से मेरे सर को पकड़ कर अन्दर की तरफ अपनी चूत पर दबोचने लगीं। वो उँची आवाज में खुल कर चीखें मार रही थीं ‘अहह.. उफ..फफ्फ़..’

फिर एकदम उनका जिस्म अकड़ने लगा और उनका पानी निकल गया। उनका सारा पानी मेरे मुँह पर निकल गया। मैंने उनका पानी पी लिया।
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

अब आंटी भी रिलॅक्स हो गई थीं।

कुछ पल बाद आंटी उठीं और मुझे लेटने का इशारा किया। जैसे ही मैं लेटा.. उन्होंने मेरे लण्ड को आपने मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगीं।
मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था। ऐसा मज़ा.. जो मैंने कभी महसूस ही नहीं किया था।
आंटी भी पूरे मज़े से मेरे लण्ड को चूस रही थीं।

कुछ मिनट बाद मुझे अहसास हुआ कि मैं छूटने वाला हूँ, मैंने आंटी की तरफ इशारा किया.. तो उन्होंने मुँह में ही माल डालने को कहा।

बस 3-4 पिचकारियों के साथ मैंने आंटी के मुँह में अपना सारा पानी गिरा दिया।
आंटी ने सारा पानी पी लिया और बहुत खुश हो गईं, वो कहने लगीं- वीर मेरी जान.. आई लव यू.. प्लीज़ मेरे साथ ज्यादा से ज्यादा रहा करो और मुझे यूं ही मज़ा दिया करो।

मैंने उनको कहा- आंटी अब से मैं रोज़ आपको संतुष्ट करूँगा.. आप भी मेरा ख्याल रखना..

अब हम दोनों बिस्तर पर लेट गए और एक-दूसरे को चाटने लगे। करीब 15 मिनट बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया, मैं आंटी की चूत में उंगली करने लगा।

आंटी ने कहा- अब बस मुझे चोदो प्लीज़.. और ज़ोर से चोदो..

आंटी के कहते ही मैंने आंटी को नीचे लिटा लिया और खुद उनकी चूत पर अपना लण्ड रख दिया।
मैंने आंटी से बोला- रेडी हो.. मैं पेल दूँ क्या?
आंटी ने कहा- यह भी कोई पूछने वाली बात है.. अब जल्दी से डाल दे..

मैंने फ़ौरन एक ज़ोर का झटका मारा और आंटी की चूत में अपना लण्ड डाल दिया। उनकी चूत गीली थी और इस वजह से लण्ड एक ही बार में सारे का सारा अन्दर चला गया और आंटी की चीख भी निकल गई ‘अहह.. उहह.. मेरीइई.. जान.. तुम्हारीईईई क्या बात है..’

मैंने अब आहिस्ता-आहिस्ता झटके मारने शुरू कर दिए।

आंटी ने कस के मुझे गले से लगा लिया। अब उनको भी बहुत मज़ा आ रहा था। आंटी की चूत बहुत सॉफ्ट थी.. इसलिए मुझे भी बहुत अच्छा फील हो रहा था।
आंटी भी आवाज़ें निकाल रही थीं ‘आह्ह.. वीर मेरी जान.. प्लीज़ मुझे ज़ोर से चोदो उफफ्फ़.. बहुत मज़ा आ रहा है.. अहह.. मेरी जान.. फाड़ डाल मेरी चूत को.. ओह.. बहुत मज़ा रहा है.. मैं बता नहीं सकती.. और ज़ोर से.. चोदो..’

आंटी की ‘फाड़ डाल’ की आवाज़ सुनते ही मैंने आंटी को खड़ा किया और आंटी को दीवार के साथ खड़ा करके उनकी चूत के अन्दर अपना लण्ड डाल दिया।
अब मैं ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा, आंटी भी फुल मस्त थीं और आवाज़ें निकाल रही थीं।

‘उफ्फ़.. अहह.. मार डाल मुझे.. फाड़ दे..’ मैंने अपने झटकों में तेज़ी कर दी। अब मैं छूटने वाला था और हमारी चुदाई को भी 30 मिनट से ऊपर हो चुके थे।

मैंने आंटी को कहा- मैं झड़ने वाला हूँ।
तो उन्होंने कहा- अन्दर ही छोड़ दो.. मैं भी झड़ने वाली हूँ।

मैंने अपना सारा पानी आंटी की चूत में ही छोड़ दिया।
अब हम दोनों बिस्तर पर आकर एक-दूसरे के साथ लिपट गए। इतनी चुदाई में ही रात के 1.30 बज गए थे।

मित्रो, यह थी मेरी मैच्यौर औरतों की चूत से चुदाई की शुरूआत.. सबा आंटी की कहानी भी लिखूँगा.. 

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