मेरे घमंड से मुझे लुंड मिले

हैलो, दोस्तो मेरा नाम पुजा है, मैं सामूहिक चुदाई (samuhik chudai) और गांड चुदाई (gaand chudai) की शौक़ीन हूँ और हिंदी सेक्स कहानियां (hindi sex kahaniyan) बड़े रूचि से पढ़ती हूँ। मेरी उम्र 23 साल है, मेरा रंग गोरा चेहरा गोल, पतली कमर, बडे़ बडे़ चुचे, भारी और उभरे हुये नितंभ और लम्बाई 5 फुट 5 इंच है, मुझे देख कर कोई भी लड़का बड़ी आसानी से मेरी तरफ आकर्षित हो जाता है| बात आज से लगभग 4 साल पहले की है उस दिन अचानक मेरी जिन्दगी बदल गई मेरे साथ हुई वो घटना मे आप सब को बताने जा रही हुं कोई गलती हो तो माफ कर देना|

मुझे बचपन से ही शादियों मे जाने का बहुत शौक था और मैं शादियों मे जाकर बहुत मस्ती करती थी क्योकि मे बहुत ही खुले विचार और निडर लड़की हुँ और मै जिस शादी मे जाती थी उसमे पुरा रंग जमा देती थी सभी मुझे ही देखते रहते|
उस दिन मेरी सहेली रजनी की शादी थी और मैं भी पुरी तरह से तैयार होकर उसके घर पहुच गई..

मैने नीले रंग का लहंगा और पीले रंग की चोली पहनी थी जिसमे मे किसी पटाखे से कम नही लग रही थी सब मुझे ही देख रहे थे और मै चारों तरफ उछल कुंद कर रही थी तभी रजनी की बारात आ गई और हम सब लड़कियां बारात का स्वागत करने पहुच गयीं | बारात मे बहुत सारे लड़के आये हुये थे सब मस्ती कर रहे थे लड़कियों को छेड रहे थे और लड़कियों से हसी मजाक कर रहे थे ज्यादातर लडकों का ध्यान मेरी तरफ ही था और कुछ लडके तो मजाक मे कह रहे थे कि दुल्हन के साथ तुमको भी लेकर जायेंगे मगर एक लड़का शांत खड़ा था और दुल्हे के ही आसपास था कुछ लडके आपस मे बात कर रहे थे कि आज इस शादी मे लडकियों के हाथ कुछ नही लगेगा बिचारी हाथ मलती रह जायेंगी मैं उन लडको के पास गई और उनसे पुछा तुम ऐसा क्यों कह रहे हो?

उन लडकों ने बताया की जिस शादी मे राजबीर जाता है उस शादी मे जुते चोरी नही होते ये उसी खासियत है आजतक उसके रहते कोई भी लडकी जुते नही चुरा पाई|

मुझे ये सुनते ही गुस्सा आ गया और मैने उन लडकों से कहा कि लेकिन आज इस शादी मे जुते जरूर चोरी होंगे क्येंकि मै जिस शादी में जाती हुँ वहॉ पे जुते जरूर चोरी होते हैं वैसे कौन है ये राजबीर मैने पुछा?

लडकों ने बताया वो जो दुल्हे के साथ खडा है वही है राजवीर..

मैं वहॉ से सीधे राजवीर के पास पहुची और उसको सामने से खुली चुनौती दे दी

मै- हैलो क्या तुम ही राजवीर हो.

राजवीर- जी हॉ आप कौन..?

मै- मेरा नाम पुजा है मैने सुना है कि तुम जिस शादी मे जाते हो वहॉ पर जुते चोरी नही होते लेकिन आज मै तुम्हारी ऑखों के सामने ही जुते चुरा कर ले जाऊंगी और तुम कुछ भी नही कर पाओगे..

राजवीर- पुजा देखो वैसे तो मेरा आज मुड नही था लेकिन तुम जब कह रही हो तो चुरा लेना..

मैने उससे कहा कैसे मुझसे डर गये क्या?..

राजवीर- मुझे किसी से डर नही लगता वैसे भी तुम कोई डरने वाली चीज नही हो मुझे तो तुम पर तरस आ गया था इस लिये मै पीछे हट रहा था लेकिन अब अगर तुम जुते नही चुरा पाईं तो क्या करोगी..

मैने कहा- शर्त लगा लो..

राजवीर बोला अगर मैं जीता तो तुमको सबके सामने मेरे होठों पे चुम्बन देना होगा..

मैने भी कहा कि अगर मैं जीती तो तुम सबके सामने मेरी जुती को सबके सामने चुमोंगे..

वो तैयार हो गया|

ये शर्त लगा कर मैने सबसे बडी गलती कर दी थी..

शादी का क्रायकर्म जोर शोर से चल रहा था मैं अपनी सहेली के साथ जुते चुराने कि तैयारी मे लग गई और बहुत कोशिश के बाद मैने जुते चुरा भी लिये लेकिन मेरे होश तब उड गये जब दुल्हे के जुते मांगने पर राजवीर ने जुते लाकर दुल्हे को दे दिये और राजबीर मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगा और अपने होठ पर अंगुली ऱख कर किस करने का इशारा करने लगा..

मैने अपना सर नीचे कर लिया और सोचने लगी की जो जुते मैने चुराये वो किसके है..

तभी राजबीर मेरे पास आया और बोला क्या हुआ शर्त दुल्हे के जुते चुराने की लगी थी तुम तो मेरे ही चुरा कर ले गई अब अपनी शर्त पुरी करो..

मैं पहली बार शर्म से जमीन मे गढी जा रही थी फिर मैं शर्त के कारण राज को किस करने के लिये तैयार हो गई मैं जैसे ही उसे किस करने जा रही थी उसने मुझे रोक दिया और बोला..

राजवीर- रहने दो तु एक लडकी हो और ये सब करके तुम अपनी ही नजर मे गिर जाओगी जो मुझे अच्छा नहीं लगेगा और वैसे भी मैं लडकियों की बहुत इज्जत करता हुँ..

उसकी बाते मेरे दिल मे घर कर गई

बारात बिदा हो चुकी थी कुछ खास लोग ही रुके हुये थे राज भी रुका था मै राज को ही खोज रही थी मगर वो कहीं नजर नही आ रहा था तभी एक लडके ने मुझसे कहा की राज भाई ऊपर छत पर पानी मंगा रहे हैं मै पानी लेकर सबकी नजर से बच कर छत पर गई वहा राज अकेला था..

मुझे देखते ही राज ने कहा कि तुम चाहो तो अपनी शर्त यहां पर पूरी कर सकती हो वैसे भी अगर तुम जीत जाती तो तुम मुझसे सबके सामने अपनी जुती जरूर चुमवाती बोलो मै सही कह रहा हुँ ना.. मैने पानी का जग जमीन पर रख दिया और आगे बढ कर ऱाज के पास बैठ गई और उसके होठो पर अपने होठ रख दिये ऱाज मेरे होठों को किस करने लगा |राज ने मेरी कमर पे अपने हाथ रख दिये मुझे कुछ अलग तरहा का अनुभव हो रहा था मगर चाह कर भी मैं राज को रोक नही पा रही थी राज के हाथ मेरी कमर से होते हुये मेरे नित्म्भ तक पहुच गये…

मेरे सारे शरीर मे चीटीं सी दौडने लगी मुझे राज का इस तरहा का स्पर्श बहुत ही रोमांचित कर रहा था राज मेरे चुतडों पर हाथ फेरने लगा मैने अपनी ऑखे बंद कर ली जैसे ही राज ने अपना एक हाथ मेरे चुचे पर रखा मेरे होश उड गये और मैं राज को मना करने लगी मगर उसने मेरी एक नही सुनी और उसने मुझे जमीन पर लिटा लिया मैने राज को धमकी दी कि मै शोर मचा दुंगी..

राज ने कहा कि नीचे के शोर की वजह से कोई तुम्हारी आवाज नही सुनेगा यकीन नही हो तो आजमा कर देख लो.. मेरे तो होश ही उड गये जिसे मैं एक शरीफ लडका समझ रही थी वो तो एक शातिर खिलाडी निकला मैं राज के आगे वेबस थी
राज ने मेरी चुची को मसलना शुरू कर दिया और फिर मेरी चोली के हुक खोलने लगा मै मचलने लगी और अपने आप को छुडाने की केशिश कर रही थी…

मगर राजवीर इतना हटटा खट्टा नौजबान था की मेरी उसके आगे एक ऩही चल रही थी मै तो उस बकरी की तरह तडफ रही थी जो शेर के कब्जे मे आ जाती है राज ने मेरी चोली को उतार दिया और मेरे चुचे को मुँह मे दबा कर चुसने लगा मेरे सारे शरीर मे लहरें दौड रही थी मुझे अब डर लगने लगा था क्योकि अभी तक मेरी चुदाई नही हुई थी मैं पूरी तरहा से कुवारी थी राज का एक हाथ मेरे पेट पर रेंगता हुआ मेरे लंहगे की तरफ बढ रहा था और जैसे ही राज ने मेरे लहंगे मे अपना हाथ डाला मै चिलाने लगी राज ने मेरा मुह बंद कर लिया और तभी वहॉ पर राजबीर के चार दोस्त और आ गये राज ने कहा और अगर एक बार तुमने शोर मचाया तो मेरे ये दोस्त भी मेरे साथ तुम्हारी चुत मारेंगे सोचलो..

राज की ये बात सुनते ही मेरे होश उड गये..

और मै डरके कारण एक दम शांत हो गई और सब भगबान पर छोड दिया..

राज मेरे लहंगे मे हाथ डालकर मेरी चुत सहलाने लगा मेरी समझ मे नही आ रहा था मै क्या करू मुझे शर्म भी बहुत आ रही थी और आपनी बेबकुफी पर हसी भी आ रही थी क्योंकि आज जो मेरे साथ हो रहा था उसको दाबत मैने ही दी थी.. राज जैसे ही मेरे लहंगे को उतारने लगा मैने राज का हाथ पकड लिया और कहा प्लीज ये मत करो मुझे शर्म आ रही है मै तुम सब के सामने नंगी नही रह सकती

मेरी बात सुनते ही सबने अपने कपडे उतार दिये और बोले लो अब तो हम भी नंगे है और हसने लगे मेरी ऑखों के आगे 4 नंगे लंड लटक रहे थे मेरी जान गले तक आ रही थी मै राज के आगे हाथ जोडने लगी और जब मुझे बचने का कोई भी रास्ता नही दिखा तो मै राज से चुदने के लिये तैयार हो गई लेकिन एक शर्त पर कि उसके सिवा कोई और नही चोदेगा ऱाज ने हॉ मे अपना सर हिलाया और राज के दोस्त कपडे पहन कर हमें घेर कर दुसरी तरफ मुह करके खडे हो गये..

और राज ने मेरा लंहगा उतार दिया और मेरी पेंटी के ऊपर से ही मेरी चुत पर हाथ फेरने लगा मुझे न चाहते हुये भी न जाने क्यो ये सब अच्छा लगने लगा | राज मेरी चुचियों को अपने होठ मे दबा कर बारी बारी से चुस रहा था और मेरी पेंटी के किनारों से मेरी चुत को सहला रहा था मुझे दर्द के साथ साथ मजा भी आ रहा था….

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